RPSC School Lecturer (Sanskrit) 2020 Online

RPSC School Lecturer (Sanskrit) 2020 Online

Rajasthan Public Service Commission (RPSC)

Sarkari jobs samachar

Important DatesApplication Fee
Application Begin : 08/06/2020
Last Date for Apply Online : 07/07/2020
Last Date Pay Exam Fee : 07/07/2020
Exam Date: Notified Soon
Admit Card Available : Notified Soon
General / Other State : 350/-
OBC / BC : 250/-SC / ST : 150/-Pay the Exam Fee Through Cash at Rajasthan E Mitra Portal or Through Debit Card, Credit Card, Net Banking
Age Limit as on 01/07/2020Eligibility
Minimum Age : 21 Years
Maximum Age : 40 Years
Age Relaxation Extra as per Rules
Master Degree in Concerned Subject with 48% Marks in Any Recognized University in India withB.Ed / Shastri Exam PassedMore Details Read the Notification

Vacancy Details Total : 22 Post

DepartmentSanskrit Education Department, Rajasthan
Subject NameTotal
Mathematics01
Economics01
Dharm Shashtra01
Jyotish06
Yjurved03
Samanya Darshan01
Jain Darshan01
Nayay Darshan01
Total22 Post

फॉर्म कैसे भरें

  • संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी भारतीय सांख्यिकी सेवा आईएसएस भर्ती 2020 उम्मीदवार 10/06/2020 से 30/06/2020 के बीच आवेदन कर सकते हैं।
  • उम्मीदवार यूपीएससी भर्ती 2020 लागू करने से पहले अधिसूचना पढ़ें IES 47 पोस्ट फॉर्म नवीनतम यूपीएससी रिक्तियों 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदन करें।
  • कृपया सभी दस्तावेज – पात्रता, आईडी प्रमाण, पता विवरण, मूल विवरण की जाँच करें और कॉलेज करें।
  • भर्ती फॉर्म से संबंधित तैयार स्कैन दस्तावेज़ – फोटो, साइन, आईडी प्रूफ, आदि।
  • आवेदन पत्र जमा करने से पहले पूर्वावलोकन और सभी कॉलम को सावधानीपूर्वक देखें।
  • यदि उम्मीदवार को आवेदन शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है तो जमा करना होगा। यदि आपके पास आवश्यक आवेदन शुल्क नहीं है तो आपका फॉर्म पूरा नहीं हुआ है।
  • फाइनल सब्मिट किए गए फॉर्म का एक प्रिंट आउट ले लें।

Apply links

Apply OnlineClick Here
Download NotificationClick Here
Official WebsiteClick Here

Short information of (RPSC) Rajasthan Public Service Commission

(RRSC) राजस्‍थान लोक सेवा आयोग का अभूतपूर्व इतिहास है। वर्ष 1923 में ली कमिशन ने भारत में एक संघ लोक सेवा आयोग की स्‍थापना की सिफारिश की थी किन्‍तु इस कमिशन ने प्रांतो में लोक सेवा आयोगों की स्‍थापना के बारें में कोई विचार नहीं किया। प्रांतीय सरकारें अपनी आवश्‍यकतानुसार नियुक्तियां करने एवं राज्‍य सेवा नियम बनाने हेतु स्‍वतंत्र थी।

राजस्‍थान राज्‍य के गठन के समय कुल 22 प्रांतों में से मात्र 3 प्रांत-जयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर में ही लोक सेवा आयोग कार्यरत थे । रियासतों के एकीकरण के बाद गठित राजस्‍थान राज्‍य के तत्‍कालीन प्रबंधन ने 16 अगस्‍त, 1949 को एक अध्‍यादेश के अधीन राजस्‍थान लोक सेवा आयोग की स्‍थापना की जिसका प्रकाशन राजस्‍थान के राजपत्र में 20 अगस्‍त 1949 को हुआ । इस अध्‍यादेश में बिंदु संख्या (1) के तीसरे पद में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग में जिस तिथि को नियुक्त किये जाने की अधिसूचना राजस्थान राज-पत्र में प्रकाशित की जाएगी तब से आयोग प्रभाव में माना जाएगा। तत्पश्चात नियुक्ति सम्बंधित अधिसूचना राजस्थान राजपत्र में दिनांक 22 दिसंबर, 1949 में प्रकाशित हुई एवं इसी दिनांक से राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रभाव में आया । इस अध्‍यादेश के द्वारा राज्‍य में कार्यरत अन्‍य लोक सेवा आयोग एवं लोक सेवा आयोग की तरह कार्यरत अन्‍य संस्‍थाऐं बंद कर दी गयी । अध्‍यादेश में आयोग के गठन, कर्मचारीगण एवं आयोग के कार्यों संबधित नियम भी तय किये गये ।

आंरभिक चरण में आयोग में एक अध्‍यक्ष एवं दो सदस्‍य थे । राजस्‍थान के तत्‍कालीन मुख्‍य न्‍यायाधीरा सर एस.के. घोष को अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया । तत्‍पश्‍चात श्री देवीशंकर तिवारी एवं श्री एन.आर. चन्‍दोरकर की नियुक्‍ती सदस्‍यों के रूप में एवं संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्‍य श्री एस.सी. त्रिपाठी, आई.ई.एस की नियुक्‍ती अध्‍यक्ष के रूप में की गयी । वर्ष 1951 में आयोग के कार्यो को नियमित करने के उद्देश्‍य से राज प्रमुख द्वारा भारत के संविधान के अनुसार निम्‍न नियम पारित किये गये-

  1. राजस्‍थान लोक सेवा आयोग सेवा की शर्ते नियम, 1951 एवं
  2. राजस्‍थान लोक सेवा आयोग कार्यो की सीमा नियम, 1951

लोक सेवा आयोगों के द्वारा सम्‍पादित किये जाने वाले महत्‍वपूर्ण कार्यो एवं उनकी निष्‍पक्ष कार्य प्रणाली के कारण भारतीय संविधान में इनका महत्‍वपूर्ण स्‍थान है । अनुच्‍छेद संख्‍या 16, 234, 315 से 323 तक विशेष रूप से लोक सेवा आयोगों के कार्य एवं अधिकार क्षेत्र के संबंध में है । राजस्‍थान लोक सेवा आयोग की कार्य प्रणाली राजस्‍थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्ते, 1963 एवं राजस्‍थान लोक सेवा आयोग (शर्ते एवं प्रक्रिया का मान्‍यकरण अध्‍यादेश 1975 एवं नियम 1976) के द्वारा तय की जाती है ।

In english

Rajasthan Public Service Commission has an unprecedented history. In the year 1923, the Lee Commission recommended the establishment of a Union Public Service Commission in India, but this Commission did not give any thought to the establishment of Public Service Commissions in the provinces. Provincial governments were free to make appointments and formulate state service rules as per their requirements.

At the time of formation of Rajasthan state, out of total 22 provinces, only 3 provinces – Jaipur, Jodhpur and Bikaner – had Public Service Commission functioning. The erstwhile management of the state of Rajasthan, formed after the integration of the princely states, established the Rajasthan Public Service Commission under an ordinance on August 16, 1949, which was published in the Gazette of Rajasthan on August 20, 1949. In the third verse of point no. (1) in this Ordinance, it is clearly mentioned that the Commission will be considered in effect from the date on which the notification for appointment in the Rajasthan Public Service Commission will be published in the Rajasthan Gazette. Subsequently, the notification related to the appointment was published in the Rajasthan Gazette on 22 December 1949 and from this date the Rajasthan Public Service Commission came into effect. Through this Ordinance, other institutions functioning like other Public Service Commission and Public Service Commission functioning in the State were closed. The ordinance also laid down rules related to the constitution of the Commission, staff and functions of the Commission.

In the initial phase, the Commission had one Chairman and two Members. Sir S.K., the then Chief Justice of Rajasthan. Ghosh was appointed as the Chairman. Thereafter Shri Devishankar Tiwari and Shri NR Chandorkar as appointed members and former member of Union Public Service Commission, Shri S.C. Tripathi, IES was appointed as the Chairman. In order to regularize the work of the Commission in the year 1951, the following rules were passed by the Head of the Raj as per the Constitution of India-

  1. Rajasthan Public Service Commission Terms of Service Rules, 1951 and
  2. Rajasthan Public Service Commission Works Limitation Rules, 1951

They have an important place in the Indian Constitution because of the important functions performed by the Public Service Commissions and their fair functioning. Article numbers 16, 234, 315 to 323 relate specifically to the work and jurisdiction of Public Service Commissions. The functioning of the Rajasthan Public Service Commission is determined by the Rajasthan Public Service Commission Rules and Conditions, 1963 and Rajasthan Public Service Commission (Validation of Terms and Procedure Ordinance 1975 and Rules 1976).

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